देहरादून / नई दिल्ली : हरिद्वार के सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने को लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया है।

उन्होंने कहा कि सदन में जिस तरह यह प्रस्ताव खारिज हुआ, वह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं, नियमों और संस्थागत गरिमा की विजय है।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र यह स्पष्ट करता है कि उन्हें भारत के संसदीय लोकतंत्र और उसकी प्रक्रियाओं पर पूरा विश्वास है। उनके विचार संसद में संवाद, तर्क और विचार-विमर्श की परंपरा को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का पद दलगत राजनीति से ऊपर होकर लोकतांत्रिक संतुलन और मर्यादा का प्रतीक होता है। ऐसे में इस पद के खिलाफ किए गए प्रयासों का सदन द्वारा खारिज किया जाना देश के परिपक्व लोकतंत्र को दर्शाता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि संसद को अवरोध का नहीं बल्कि सकारात्मक चर्चा और राष्ट्र निर्माण का मंच बनना चाहिए।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के संतुलित और निष्पक्ष नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संसद की गरिमा और मजबूत होगी।
