देहरादून: मुख्यमंत्री ने सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के तहत नदी संरक्षण और डेसिल्टिंग कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समय से पूरे किए जाएं।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि लघु सिंचाई विभाग के जल संरक्षण, संवर्द्धन और संभरण योजनाओं के तहत राज्य में 708 चेक डैम बनाए जा चुके हैं। ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार में 419 रिचार्ज शाफ्ट स्थापित किए गए हैं…जिससे लगभग 108.94 करोड़ लीटर वार्षिक जल पुनर्भरण संभव होगा।
वन प्रभागों में पेयजल विभाग और SARRA के माध्यम से 14 जल स्रोतों के संरक्षण और CAMPA योजना के अंतर्गत 247 जल धाराओं के उपचार का कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि रोकथाम के लिए भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक उपकरण और मानव संसाधन सुनिश्चित किए जाएं वन पंचायतों और आसपास के लोगों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा जाए…और फायर लाइन की समय पर सफाई की जाए। साथ ही वनभूमि पर अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनााक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, युगल किशोर पंत और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
