काशीपुर, उधम सिंह नगर: काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में एंटी रेबीज इंजेक्शन की गंभीर कमी ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में आवारा कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त इंजेक्शन न होने के कारण लोग बाहर से महंगे इंजेक्शन खरीदकर इलाज करवा रहे हैं।
मरीज विशाल कुमार और उनकी देखभाल करने वाली स्वर्ण कौर ने बताया कि प्रतिदिन कई लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें इंजेक्शन न होने की वजह से लौटना पड़ता है। मजबूरी में लोग लगभग 400 रुपए खर्च करके बाजार से इंजेक्शन लाते हैं। यह खर्च खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल अब केवल नाम के लिए ही मौजूद हैं, जबकि जरूरी दवाइयों और जीवनरक्षक इंजेक्शन की कमी से मरीज निजी खर्च उठाकर इलाज करवाने को मजबूर हैं।
एलडी भट्ट चिकित्सालय पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा था। हाल ही में डॉक्टर कीर्ति मेहता के पदभार संभालने के बाद ओपीडी की संख्या बढ़ी है। पहले प्रतिदिन 200-250 मरीज आते थे, अब यह संख्या 500-700 तक पहुंच गई है। लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ संसाधनों की कमी और अधिक दिख रही है।
जानकारी के अनुसार, 2 मार्च से अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति बंद है। देहरादून से सप्लाई होने वाले इंजेक्शन की भी कमी है। फार्मासिस्ट द्वारा हजार इंजेक्शन की मांग की गई थी, लेकिन केवल 10 ही उपलब्ध हो पाए। जबकि रोजाना 15-20 मरीज इंजेक्शन के लिए आते हैं।
इस स्थिति ने काशीपुर में आवारा कुत्तों से जुड़े खतरे के बीच मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

