अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव
योग नगरी ऋषिकेश में सोमवार से 38वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया। गंगा तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित इस महोत्सव में दुनिया भर से योग प्रेमी और साधक पहुंच रहे हैं। महोत्सव में करीब 80 देशों के 1200 से अधिक योग जिज्ञासु, योगाचार्य और आध्यात्मिक साधक भाग ले रहे हैं। यह महोत्सव 15 मार्च तक चलेगा, जिसमें योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महोत्सव के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों से आए प्रतिभागी योग और आध्यात्मिकता की विभिन्न विधाओं का अनुभव करेंगे। कार्यक्रम में करीब 30 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों, उच्चायुक्तों और राजदूतों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। इससे यह आयोजन वैश्विक स्तर पर भारत की योग परंपरा और आध्यात्मिक संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बताया कि महोत्सव में 13 मार्च को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami और 14 मार्च को राज्यपाल Gurmit Singh प्रतिभाग करेंगे। उनके साथ कई अंतरराष्ट्रीय योग गुरु, आध्यात्मिक वक्ता और विशेषज्ञ भी इस आयोजन में शामिल होंगे।
महोत्सव में शिवा रिया, आनंद मेहरोत्रा, किया मिलर, स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट, साध्वी आभा सरस्वती, गंगा नंदिनी, डॉ. एचआर नागेंद्र और डॉ. गणेश राव जैसे कई प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ और वक्ता योग सत्रों और आध्यात्मिक संवाद में भाग लेंगे। इसके अलावा टॉमी रोसेन, एरिका कॉफमैन, मोहन भंडारी और डॉ. इंदु शर्मा जैसे अंतरराष्ट्रीय योग गुरु भी प्रतिभागियों को योग कक्षाएं देंगे।
इस महोत्सव में प्रतिभागियों के लिए 150 से अधिक योग कक्षाएं, कार्यशालाएं और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें कुंडलिनी योग, हठ योग, योग निद्रा, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, ध्वनि चिकित्सा और भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस महोत्सव का खास आकर्षण होंगे। शाम के समय कैलाश खेर, ड्रम्स शिवमणि, रूना रिजवी और राधिका दास एंड फ्रेंड्स जैसे प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के माध्यम से ऋषिकेश एक बार फिर वैश्विक योग राजधानी के रूप में अपनी पहचान को मजबूत कर रहा है और दुनिया भर के लोगों को भारतीय योग और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
