उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम में इस बार भी तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। सुरक्षित स्नान घाटों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है और कई पुराने घाट क्षतिग्रस्त हालत में पड़े हैं। यमुना नदी के किनारे तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्तों की कमी बनी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं को खतरे के बीच आवाजाही करनी पड़ सकती है।
पिछले साल आई आपदा में यहां के घाट, पुल, पुजारी निवास, शौचालय और अन्य जरूरी ढांचे बह गए थे। हालांकि, यात्रा शुरू होने में कम समय बचा है, लेकिन इनका पूरा पुनर्निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। नदी किनारे सुरक्षा दीवार का काम भी अधूरा है। वहीं जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक बनने वाला वैकल्पिक पैदल मार्ग भी बारिश और बर्फबारी के कारण अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
तीर्थपुरोहितों ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है और मांग की है कि जल्द से जल्द सभी सुरक्षा कार्य पूरे किए जाएं। उनका कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, ऐसे में अधूरी व्यवस्थाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अभी भी चिंता बनी हुई है।

