झंडे जी मेले
देहरादून में आयोजित श्री झंडे जी मेले में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। झंडे जी के आरोहण के तीसरे दिन मंगलवार को नगर परिक्रमा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही दरबार साहिब में बड़ी संख्या में संगत जुटने लगी थी। इसके बाद श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में नगर परिक्रमा शुरू हुई।
नगर परिक्रमा दरबार साहिब से शुरू होकर शहर के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ परिक्रमा में शामिल हुए। पूरे रास्ते जयकारों और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
परिक्रमा दरबार साहिब से निकलकर सहारनपुर चौक, कांवली रोड, एसजीआरआर बिंदाल, तिलक रोड, चकराता रोड, घंटाघर और पलटन बाजार से होते हुए फिर से दरबार साहिब पहुंचकर समाप्त हुई। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने संगत का स्वागत किया और सेवा का आयोजन किया।
इस दौरान एसजीआरआर बॉम्बेबाग में संगत के लिए गन्ने का प्रसाद भी बांटा गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ नगर परिक्रमा में भाग लिया और गुरु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने कहा कि गुरु की शरण में आकर ही मनुष्य को सच्चे मार्ग का ज्ञान मिलता है। उन्होंने कहा कि गुरु की वाणी अमृत के समान होती है, जो मनुष्य के जीवन को पवित्र और सफल बनाती है।
उन्होंने कहा कि भक्ति, सेवा और अच्छे कर्म ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु का स्मरण करता है, उस पर सद्गुरु की कृपा हमेशा बनी रहती है।
मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि नगर परिक्रमा दूनवासियों के लिए एक खास और ऐतिहासिक क्षण होता है। इस दौरान देश और विदेश से आई संगत भी शहरवासियों के बीच होती है, जिससे मेले की रौनक और बढ़ जाती है।

इसके अलावा दरबार साहिब परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस शिविर में करीब 200 यूनिट रक्तदान किया गया। झंडे जी मेला हर साल देहरादून में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नगर परिक्रमा के दौरान देहरादून में एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
