महेंद्र भट्ट
चमोली जिले के गोपेश्वर में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत खेल प्रतियोगिताओं के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कांग्रेस और उक्रांद कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
रविवार सुबह करीब 11 बजे महेंद्र भट्ट का काफिला लोनिवि के आवास गृह से गोपेश्वर खेल मैदान के लिए रवाना हुआ। जैसे ही काफिला पीजी कॉलेज के समीप पहुंचा, पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाते हुए “महेंद्र भट्ट गो बैक” के नारे लगाए। अचानक हुए इस विरोध से कुछ देर के लिए यातायात और कार्यक्रम की तैयारियों पर असर पड़ा।

विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस प्रवक्ता संदीप झिंक्वाण, धीरेंद्र गरोड़िया, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पुरोहित, नगर अध्यक्ष योगेंद्र सिंह बिष्ट, महेंद्र नेगी सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है और सरकार इस मामले में गंभीर नहीं दिख रही। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने सांसद के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस बल पहले से ही तैनात था। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, जिस पर उनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई। कुछ देर तक धक्का-मुक्की और तीखी बहस का माहौल बना रहा। बाद में प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से गिरफ्तारी भी दी, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।
घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
यह घटना एक बार फिर राज्य की राजनीति में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रहे आक्रोश और सरकार-विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है। गोपेश्वर में हुआ यह विरोध प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी राजनीतिक बहस और आंदोलनों का केंद्र बना रहेगा।
