उत्तराखंड के हल्द्वानी में इंजीनियरों की चल रही हड़ताल का असर अब साफ दिखने लगा है। पहले से धीमी रफ्तार से चल रहे विकास कार्य और ज्यादा प्रभावित हो गए हैं, और अब पेयजल सेवाओं पर भी संकट गहराने की आशंका है।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर 23 मार्च से कई विभागों के इंजीनियर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई, लघु सिंचाई, उरेडा, आरडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, मंडी और नलकूप विभाग शामिल हैं।
1 अप्रैल से पानी की समस्या बढ़ने के आसार
अब 1 अप्रैल से पेयजल और जल संस्थान के इंजीनियर भी हड़ताल में शामिल होंगे। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति और पाइपलाइन से जुड़े काम बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
विकास कार्यों पर ब्रेक
हड़ताल का असर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर पड़ा है:
- जमरानी बांध की नहर का काम बेहद धीमा
- काठगोदाम क्षेत्र में नहर जीर्णोद्धार का काम अधूरा
- 154 करोड़ की पेयजल योजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी, लेकिन काम शुरू नहीं
- शहर में 35 किमी पाइपलाइन बिछाने का कार्य रुका
- चकलुवा क्षेत्र में बन रहा पुल और पनियाली की सड़क निर्माण भी प्रभावित
क्या हो सकता है असर?
- गर्मियों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है
- शहर के कई इलाकों में विकास कार्य लटक सकते हैं
- अधूरी परियोजनाओं की लागत और समय दोनों बढ़ने की आशंका
अधिकारियों का कहना है कि जहां संभव है वहां काम जारी रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इंजीनियरों की कमी के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हो रही है।

