
उत्तराखंड सरकार के “ड्रग फ्री देवभूमि अभियान” के तहत 1 अगस्त 2025 को गुरु नानक कॉलेज, देहरादून में एक प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नशा मुक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और जागरूकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह से हुई, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने “ड्रग फ्री कैंपस” का संकल्प लिया। उन्होंने शपथ पत्र भरकर यह दृढ़ निश्चय व्यक्त किया कि वे स्वयं को नशे से दूर रखेंगे और अपने समुदाय को भी जागरूक करेंगे। यह पहल न केवल विद्यार्थियों की संकल्प शक्ति को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि आज का युवा वर्ग नशे के खिलाफ खड़ा है।
इस अवसर पर कॉलेज में स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति पर आधारित प्रभावशाली और प्रेरणादायक नारे प्रस्तुत किए। बीएससी नर्सिंग की छात्रा दीक्षा ने प्रथम स्थान, जस्मीत कौर ने द्वितीय स्थान और सौरभ रंजन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायकों ने सभी प्रतिभागियों की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े दृष्टिकोण की सराहना की।
कॉलेज के सीईओ श्री भूपिंदर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर करता है, बल्कि सामाजिक और मानसिक विकास में भी बाधा बनता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान को आगे बढ़ाएं और समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाएं।
सीओओ श्रीमती विनीत अरोड़ा ने कहा कि ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं। कॉलेज प्रशासन हर रचनात्मक पहल में छात्रों के साथ है। सीएसओ श्री सैथजीत सिंह ने नशे से जुड़े अपराधों और युवाओं पर इसके दुष्प्रभावों को उजागर करते हुए छात्रों से आह्वान किया कि वे इस संकल्प को जीवन में उतारें।
कॉलेज के रजिस्ट्रार डॉ. ललित कुमार और निदेशक डॉ. एस. दुरैवेल ने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस आंदोलन को एक जनभागीदारी का रूप दें और नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।