
चमोली जिले के गोपेश्वर जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत होने से हड़कंप मच गया। मृतका बछेर गांव की 30 वर्षीय मीना देवी थी, जो पति प्रदीप सिंह के साथ प्रसव पीड़ा के दौरान शनिवार को जिला अस्पताल लाई गई। चिकित्सकों ने रात में ही प्रसव की तैयारियां शुरू की थीं।
चिकित्सक डॉ. अमृता ने बताया कि तड़के करीब साढ़े तीन बजे मीना देवी का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया और उन्हें दौरे पड़ने लगे। चिकित्सकों ने स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन बीपी कंट्रोल नहीं हो सका। प्रसव होने के लगभग आधे घंटे बाद मीना देवी की मौत हो गई। इस दौरान नवजात को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और क्षेत्रीय लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस पर मौके पर पहुंचे सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता और डीएसपी अमित सैनी ने मामले की त्वरित जांच और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों को शांत कराया गया।
घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की अप्रत्याशित परिस्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया देने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन उच्च रक्तचाप और दौरे की जटिलताओं के कारण महिला को बचाना संभव नहीं हो सका।
परिजनों ने प्रशासन से उचित कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने जिले में प्रसव सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन की संवेदनशीलता पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
नवजात बच्ची फिलहाल वेंटिलेटर पर सुरक्षित है, और चिकित्सकों की निगरानी में है। परिवार और स्थानीय लोग हादसे की जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।