देहरादून। देशभर में जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत स्व-गणना (Self Enumeration) के साथ हो चुकी है। इस बीच जनगणना विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और साफ किया है कि स्व-गणना के लिए केवल एक ही आधिकारिक पोर्टल मान्य है।
अधिकारियों के अनुसार, स्व-गणना के लिए सिर्फ se.census.gov.in वेबसाइट का ही उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी मोबाइल ऐप या अन्य लिंक पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि साइबर ठग इस मौके का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना के दौरान केवल मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। यदि कोई व्यक्ति बैंक डिटेल या आधार ओटीपी मांगता है, तो वह पूरी तरह फर्जी है। ऐसे मामलों में जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
इसके साथ ही 25 अप्रैल से जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे, तो वे केवल निर्धारित सवाल पूछेंगे। यदि आपने पहले से स्व-गणना कर ली है, तो वे आपकी जानकारी का सत्यापन करेंगे। वहीं, स्व-गणना न करने की स्थिति में प्रगणक करीब 33 प्रश्न पूछेंगे, जिसमें मोबाइल नंबर शामिल होगा, लेकिन किसी प्रकार का ओटीपी नहीं आएगा।
प्रगणकों की पहचान के लिए उनके पास आधिकारिक आईडी कार्ड होगा, जिसमें फोटो और क्यूआर कोड मौजूद रहेगा। इसे स्कैन कर उनकी जानकारी सत्यापित की जा सकती है।
जनगणना विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया निशुल्क है और किसी भी प्रकार की फीस या दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी। संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी भी फर्जी लिंक या कॉल के झांसे में न आएं।
