उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जनपद में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार सुबह जिले के अलग-अलग इलाकों में लगी आग ने भारी तबाही मचाई। एक ओर मोरी ब्लॉक के गुराड़ी गांव में आग से दो आवासीय भवन जलकर राख हो गए और 14 मवेशियों की जलकर मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय के गोफियारा क्षेत्र में जल संस्थान के जलकल स्टोर में आग लगने से लाखों का सामान नष्ट हो गया।
गुराड़ी गांव में मची अफरातफरी
आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार मोरी ब्लॉक के गुराड़ी गांव में बुधवार सुबह करीब पांच बजे अचानक एक आवासीय मकान में आग लग गई। ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते-देखते पास के दूसरे मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि लोग जान बचाकर घरों से बाहर भागे।
इस दर्दनाक हादसे में कुल 14 मवेशियों की जलकर मौत हो गई। इनमें रामचन्द्र की दो गाय और एक बैल, भरत मणि पुत्र केदार दत्त की पांच बकरियां और एक गाय, तथा ममलेश की दो भेड़, एक गाय और दो बकरियां शामिल हैं। इसके अलावा घरों में रखा खाद्यान्न, कपड़े, नकदी, सोना-चांदी और अन्य जरूरी सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो गया।
सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, पुलिस, फायर सर्विस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और शोक का माहौल है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि गुराड़ी गांव में आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों की टीम मौके पर भेजी गई है। नुकसान का आकलन टीम की रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।
जलकल स्टोर में भी लगी आग
उधर जिला मुख्यालय भटवाड़ी रोड पर गोफियारा के पास जल संस्थान विभाग के जलकल स्टोर में भी बुधवार सुबह आग लग गई। आग की चपेट में आकर वहां रखे प्लास्टिक पाइप जलकर नष्ट हो गए। फायर सर्विस की टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया, अन्यथा आग आसपास के इलाकों में भी फैल सकती थी।

पहले भी हो चुकी है बड़ी घटना
गौरतलब है कि इससे पहले 29 दिसंबर को मोरी ब्लॉक के सट्टा गांव में आग लगने से दो आवासीय भवन जलकर राख हो गए थे। उस हादसे में एक व्यक्ति की झुलसने से मौत हो गई थी और गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया था।
