
हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत शनिवार को डोईवाला पहुंचे, जहाँ उन्होंने अमर उजाला के उत्तराखण्ड राज्य ब्यूरो प्रमुख और वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय राकेश खण्डूड़ी के परिजनों से भेंट कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राकेश खण्डूड़ी के निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि खण्डूड़ी का जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा, “राकेश खण्डूड़ी न केवल निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार थे, बल्कि समाज की गहरी संवेदनाओं को शब्द देने वाले सशक्त स्वर भी थे। उनके लेखन और रिपोर्टिंग शैली ने उत्तराखण्ड की पत्रकारिता को नई दिशा और पहचान दी। उनके जाने से पत्रकारिता जगत ने एक सशक्त और ईमानदार आवाज खो दी है।”
रावत ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि “माँ गंगा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
उल्लेखनीय है कि स्व. राकेश खण्डूड़ी लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे और अपने बेबाक लेखन व सटीक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते थे। उत्तराखण्ड राज्य के सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों को उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से हमेशा प्रमुखता दी। उनके असामयिक निधन ने न केवल पत्रकारिता जगत को बल्कि सामाजिक-राजनीतिक जगत को भी गहरा आघात पहुँचाया है।
पूर्व मुख्यमंत्री की इस संवेदनात्मक भेंट से स्थानीय लोगों और पत्रकार साथियों ने भी राहत महसूस की। कई पत्रकारों ने इस अवसर पर कहा कि खण्डूड़ी का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पत्रकारिता जगत के हर सदस्य के लिए व्यक्तिगत क्षति है। पत्रकारिता को समाज का आईना मानने वाले राकेश खण्डूड़ी अपने काम के प्रति समर्पण और साहस के लिए याद किए जाएंगे।