
नैनीताल हाईकोर्ट में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव और सदस्यों के कथित अपहरण से जुड़े मामले की सुनवाई आज सोमवार को होनी है। इसको देखते हुए शहर एक बार फिर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से हाईकोर्ट परिसर के पांच सौ मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से संबंधित याचिका पर सुनवाई होनी है। याचिकाकर्ताओं एवं उनके समर्थकों की भारी उपस्थिति की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए हैं। हाईकोर्ट के भीतर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
एसपी प्रकाश चंद ने बताया कि अदालत परिसर से 500 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी तरह का प्रदर्शन, नारेबाजी या शोर-शराबा नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों या अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष का यह चुनाव शुरू से ही विवादों में रहा है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव के दौरान सदस्यों के अपहरण और दबाव की घटनाएं हुईं, जबकि सत्तापक्ष इसे निराधार बता रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अदालत की सुनवाई अहम मानी जा रही है। नैनीताल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन सतर्क है। भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अदालत की गरिमा और शांति में व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।