
गुरु नानक कॉलेज, देहरादून के छात्रावास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्ष, उल्लास और आस्था के माहौल में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में राधा-कृष्ण का रूप धारण कर भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। पूरा छात्रावास भक्तिरस में सराबोर हो गया और वातावरण में संस्कृति व अध्यात्म का सुंदर संगम दिखाई दिया।
आयोजन की शुरुआत भव्य आरती से हुई, जिसके बाद सुंदर सजावट से सुसज्जित मंदिर सभी के आकर्षण का केंद्र बना। छात्राओं के लिए धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मनोरंजन और आनंद से जुड़े कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की गई। केक काटने की रस्म ने इस धार्मिक आयोजन में उत्सव का नया रंग भरा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में गीत, नाटक, कविता पाठ और झांकियाँ शामिल रहीं, जिन्होंने जन्माष्टमी को केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी बना दिया।
छात्राओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आयोजन में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई, जिससे सामूहिक आस्था और एकता का संदेश स्पष्ट हुआ।
कॉलेज के सीईओ भूपिंदर सिंह ने इस अवसर पर कहा, “हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में काम करना है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल हमारे मूल्यों को जीवित रखते हैं बल्कि विद्यार्थियों के भीतर एकता, भक्ति और अनुशासन की भावना भी विकसित करते हैं।”
कॉलेज की सीओओ श्रीमती विनीत अरोड़ा ने छात्राओं की प्रस्तुति और आयोजन की सराहना करते हुए कहा, “छात्राओं ने जिस उत्साह और समर्पण से इस पर्व को मनाया, वह प्रेरणादायक है। हमारी कोशिश है कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें।”
कॉलेज के सीएसओ सैथजीत सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्राओं को सकारात्मक और शिक्षाप्रद अनुभव प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, “छात्राओं ने जिस तरह से आयोजन की तैयारी और भागीदारी की, वह सराहनीय है। ऐसे आयोजन उन्हें नेतृत्व, सहयोग और संगठन की भावना सिखाते हैं।”
जन्माष्टमी पर्व के इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मूल्यों, संस्कृति और आस्था के संरक्षण का भी माध्यम है। कार्यक्रम ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर दिया और साथ ही उनमें आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना भी प्रबल की।
समापन अवसर पर कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्राओं, वार्डन और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और आश्वस्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।