
उत्तराखंड के टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में नृसिंहगाचल पर्वत का एक हिस्सा सोमवार को अचानक दरक गया, जिससे भारी भूस्खलन हुआ। इस भयावह हादसे में कई विशालकाय बोल्डर बहा बाजार क्षेत्र में मकानों और वाहनों पर आ गिरे। घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया, जबकि तीन मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे में विपिन चंद्र मिश्रा, भगवती प्रसाद मिश्रा और पनीलाल के घरों को भारी नुकसान हुआ है। दुर्भाग्य से, पनीलाल उस समय घर के अंदर ही मौजूद थे और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
भूस्खलन की चपेट में आकर दो मोटरसाइकिलें और एक पिकअप वाहन भी मलबे में दब गए। इसके अलावा, इलाके में कई विद्युत पोल भी टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की।
यह हादसा नृसिंहगाचल पर्वत पर 2010 में हुए भूस्खलन की घटना की याद दिलाता है, जिसमें भी कई घरों को नुकसान हुआ था। बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और यह क्षेत्र की भूस्खलन संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
भूवैज्ञानिकों की मानें तो पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान इस प्रकार के भूस्खलन की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन को ऐसे संवेदनशील इलाकों में पहले से ही सतर्कता बरतने और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। स्थानीय निवासियों ने सरकार से मांग की है कि पर्वत की स्थिरता के लिए वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण करवाया जाए और सुरक्षा दीवारें या अन्य संरचनात्मक उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।