नंदा देवी बड़ी जात यात्रा
चमोली जिले में 12 वर्षों बाद आयोजित हो रही मां नंदा देवी की लोकजात और बड़ी जात यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रास्तों की भौगोलिक चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने चेपड़ो मैदान में पुलिसकर्मियों को विशेष ब्रीफिंग दी और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यात्रा मार्ग को थराली क्षेत्र में एक जोन और चार सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एसडीआरएफ के साथ उन पुलिस जवानों की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है, जिन्हें पहले इस तरह की यात्राओं का अनुभव है। इसके अलावा कठिन और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्वतारोही पुलिस दल की भी तैनाती की गई है।
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि मां नंदा की जात यात्रा आस्था से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण यात्रा है और इसकी अपनी विशेष संवेदनशीलता है। इस समय बारिश का मौसम होने के कारण यात्रा मार्ग पर कई जगह फिसलन, दुर्गम पैदल रास्ते और कठिन चढ़ाई-उतराई बनी हुई है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को मौसम और रास्ते की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का प्रयास है कि यात्रा में शामिल हर श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सके।
बता दें कि बड़ी जात बंड क्षेत्र की डोली ने गुरुवार को किरूली गांव में रात्रि प्रवास किया था, जबकि मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली पगना गांव पहुंची थी। शुक्रवार को यात्रा के अगले चरण में डोली थराली गांव से होते हुए चेपड़ो गांव पहुंची, जहां रात्रि प्रवास प्रस्तावित है। डोली के आगमन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
बड़ी जात यात्रा में मां नंदा की डोली के साथ श्रद्धालुओं का कारवां लगातार बढ़ रहा है। जगह-जगह श्रद्धालु मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। यात्रा का प्रमुख धार्मिक पड़ाव 20 सितंबर को होमकुंड में होगा। यहां विशेष पूजा और तर्पण के बाद परंपरा के अनुसार चौसिंग्या खाडू को कैलाश के लिए विदा किया जाएगा। इसके बाद मां नंदा की डोली सिद्धपीठ कुरुड़ लौटेगी और 30 सितंबर को पूजा-अर्चना के साथ बड़ी जात यात्रा का समापन होगा।

