चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को टनल में लापता चल रहे दो और श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके साथ ही हादसे में मृत श्रमिकों की संख्या 10 हो गई है।
विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन के दौरान कुल 22 श्रमिक फंस गए थे। हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने तेजी से अभियान शुरू किया। 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि आठ श्रमिकों की मौत की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी। दो श्रमिकों की तलाश लगातार जारी थी।
मंगलवार को रेस्क्यू टीमों ने टनल के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए दोनों लापता श्रमिकों के शव बरामद कर लिए। बरामद शवों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के अंदर जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी लगातार जारी रहा। मलबे और पानी के बीच बचाव टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीमें लगातार सुरंग के भीतर सर्च ऑपरेशन में जुटी रहीं।
आज बरामद शवों में एक श्रमिक की पहचान लुकास टोपनो, उम्र 31 वर्ष, निवासी सीमरटोली, पोस्ट कामरा, जिला खूंटी, झारखंड के रूप में हुई है। हादसे के बाद से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है।
टनल हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन कई दिनों तक चला। लगातार मलबा हटाने, पानी निकालने और सुरंग के अंदर सुरक्षित तरीके से पहुंचने की चुनौती के बीच बचाव दल ने अभियान जारी रखा। अब हादसे में सभी लापता श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा इंतजामों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

