राफ्टिंग
अगर आप गंगा की लहरों पर रोमांच का अनुभव लेने का सपना देख रहे हैं, तो अब देर मत कीजिए। ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का मौजूदा सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। प्रशासन और पर्यटन विभाग ने सुरक्षा कारणों से 30 जून को राफ्टिंग संचालन बंद करने का निर्णय लिया है। इसके बाद पूरे दो महीने तक गंगा में राफ्टिंग नहीं हो सकेगी और यह गतिविधि एक सितंबर से दोबारा शुरू होगी।
मानसून के दौरान गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है और बहाव भी बेहद तेज हो जाता है। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए हर साल राफ्टिंग सीजन को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। इस बार भी 30 जून के बाद राफ्टिंग पर रोक लग जाएगी। यानी रोमांच के शौकीनों के पास अब सिर्फ दस दिन का समय बचा है।
ऋषिकेश के मुनि की रेती, तपोवन, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र इन दिनों देशभर से आने वाले पर्यटकों से गुलजार हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग गंगा की लहरों में रोमांच का अनुभव लेने पहुंच रहे हैं। राफ्टिंग संचालक पर्यटकों को कौड़ियाला, मरीन ड्राइव, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और क्लब हाउस जैसे प्रमुख प्वाइंट्स तक ले जाते हैं, जहां से रोमांचक सफर शुरू होता है।
राफ्टिंग के लोकप्रिय रूट्स में कौड़ियाला से रामझूला तक 35 किलोमीटर, कौड़ियाला से शिवपुरी तक 20 किलोमीटर, मरीन ड्राइव से रामझूला तक 25 किलोमीटर और शिवपुरी से रामझूला तक 15 किलोमीटर की दूरी शामिल है। इन रूट्स पर राफ्टिंग के दौरान पर्यटक गंगा की रैपिड्स का रोमांच महसूस करते हैं।
गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश भट्ट का कहना है कि बारिश के मौसम में हादसों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए हर साल निर्धारित समय पर राफ्टिंग बंद की जाती है। वहीं साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि नियमानुसार 30 जून को संचालन बंद होगा और एक सितंबर से फिर शुरू किया जाएगा।
अगर आप भी इस सीजन में राफ्टिंग का आनंद लेना चाहते हैं, तो अगले दस दिन आपके लिए आखिरी मौका हैं। उसके बाद रोमांच के इस सफर के लिए सितंबर तक इंतजार करना होगा।

