देहरादून। उत्तराखंड में पहली से आठवीं तक संचालित करीब 400 मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया अब जिला स्तर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) की निगरानी में होगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के सीईओ को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने और मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसी के तहत पिछले वर्ष उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू किया गया था।
नई व्यवस्था के अनुसार एक जुलाई 2026 से राज्य के सभी मदरसे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के दायरे में आ जाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार आठवीं तक के मदरसों को जिला स्तर पर और नौवीं से 12वीं तक के मदरसों को 30 जून तक उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मदरसों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।