देहरादून। उत्तराखंड में ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जल शक्ति मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य के लिए ₹139 करोड़ से अधिक के ‘टाइड ग्रांट’ की सिफारिश की है, जिससे पेयजल और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
इसके साथ ही पंचायती राज निदेशालय ने ₹93.14 करोड़ से अधिक की धनराशि ‘अनटाइड ग्रांट’ के रूप में जारी कर दी है। इस राशि का उपयोग ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों में कर सकेंगी।
जारी धनराशि में ग्राम पंचायतों को लगभग ₹70 करोड़, क्षेत्र पंचायतों को करीब ₹9 करोड़ और जिला पंचायतों को लगभग ₹13 करोड़ दिए गए हैं। यह राशि विभिन्न जिलों को भी आवंटित कर दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेज होंगे।
निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धनराशि तुरंत पंचायतों के खातों में भेजी जाए।

इस फंड से गांवों में सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
