उत्तरकाशी: आगामी चारधाम यात्रा से पहले यमुनोत्री हाईवे पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य की धीमी गति को लेकर स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा को देखते हुए सड़क की मौजूदा स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है।
पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक इन दिनों ऑल वेदर परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य जारी है, लेकिन कई महीनों से चल रहे इस काम के बावजूद मार्ग पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाया है। जगह-जगह सड़क किनारे मलबा और बड़े-बड़े पत्थर पड़े हैं, जिससे मार्ग संकरा और ऊबड़-खाबड़ हो गया है। कई स्थानों पर दो वाहनों का एक साथ गुजरना मुश्किल हो रहा है, जिसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है।
खासकर चढ़ाई वाले हिस्सों में समस्या और गंभीर हो गई है। यहां मालवाहक वाहन अक्सर फंस जाते हैं, जिससे लंबा जाम लग जाता है और यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। कुछ जगहों पर हालात ऐसे हैं कि लोगों को वाहनों को पत्थरों और अन्य साधनों की मदद से आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई स्थानों पर सुरक्षात्मक इंतजाम न होने के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा सिलाई बैंड के पास करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र में धूल और कीचड़ के कारण आवाजाही बेहद कठिन हो गई है। धूप में उड़ती धूल और बारिश के समय कीचड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन रही है।
लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो चारधाम यात्रा के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।
वहीं, कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि मौसम खराब रहने के कारण काम की गति प्रभावित हुई है। हालांकि, उनका दावा है कि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग को बेहतर बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण मार्ग की खराब स्थिति यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

