रुद्रप्रयाग के खेड़धार क्षेत्र में इन दिनों भीषण जल संकट देखने को मिल रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई दिनों से लोगों के घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच रही है।
पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है, जिन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। घरों में खाली बर्तन और सूखे नल लोगों की मुश्किलों को साफ दिखा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। जब यहां कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी भवन बनाए गए थे, तब प्रशासन ने नियमित पानी देने का वादा किया था। लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है।
लोगों का आरोप है कि जल संस्थान विभाग हर बार पाइपलाइन ठीक करने का आश्वासन देता है, लेकिन जमीन पर कोई सुधार नजर नहीं आता।
पानी की समस्या से परेशान होकर ग्रामीण जल संस्थान के कार्यालय पहुंच गए और वहां जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी न मिलने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उन्हें कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे समय और मेहनत दोनों ज्यादा लग रही है।
इस मामले में सभासद विनीता नेगी ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि खेड़धार के 30-35 परिवार लंबे समय से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक हफ्ते के अंदर पानी की समस्या ठीक नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, जल संस्थान के अधिकारी रेवत सिंह रावत ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था सुधार दी जाएगी।
फिलहाल, ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि अगर समय पर समाधान नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन और तेज होगा। यह मामला प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को भी दिखाता है।

