नरेंद्र मोदी अप्रैल महीने में दिल्ली से देहरादून तक बनने वाले नए एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय के आसपास हो सकता है।
यह नया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनने के बाद लोगों के लिए सफर को बहुत आसान और तेज बना देगा। अभी दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब 6 से 6.5 घंटे लगते हैं, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह दूरी सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी।
यह एक्सप्रेसवे लगभग 210 किलोमीटर लंबा है और इसे 6 लेन में बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से होती है और यह सीधे देहरादून तक जाता है।
इसका एक खास हिस्सा एलिवेटेड (ऊंचा बना हुआ) है, जो सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इससे दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क और बेहतर हो गया है।
इस एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा फायदा यात्रियों, पर्यटकों और व्यापारियों को होगा। जो लोग उत्तराखंड घूमने जाते हैं या काम के सिलसिले में यात्रा करते हैं, उनके लिए यह रास्ता बहुत सुविधाजनक होगा।
साथ ही, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे इलाकों के लोगों को भी इससे फायदा मिलेगा। अब उन्हें दिल्ली आने-जाने में कम समय लगेगा और रास्ते में जाम की समस्या भी कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से कई पुरानी सड़कों पर ट्रैफिक कम हो जाएगा और यात्रा ज्यादा आरामदायक बन जाएगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो आने वाले समय में यात्रा, पर्यटन और व्यापार तीनों को बढ़ावा देगा।