देहरादून के हरबर्टपुर में एक महिला की अचानक मौत के मामले में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। 25 वर्षीय महिला की तबियत अचानक बिगड़ी और परिजनों ने उसे इलाज के लिए हरबर्टपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया।
उपचार के दौरान परिजन महिला को अपने साथ लेकर चले और उसे बेहतर इलाज के लिए एक के बाद एक चार अस्पतालों में ले गए। तीन अस्पतालों ने महिला का उपचार करने से इनकार कर दिया। अंत में महिला को झाझरा स्थित अस्पताल में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल लाने से 10 मिनट पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी।
इस घटना के दौरान परिजन महिला को अपने गांव लेकर चले और सुपुर्द-ए-खाक (दफनाने) की तैयारी करने लगे। शाम करीब 7 बजे, हरबर्टपुर अस्पताल ने पुलिस को महिला की मौत की सूचना दी। सहसपुर कोतवाली पुलिस बैरागीवाला गांव पहुंची, लेकिन परिजन और ग्रामीण पंचनामे के लिए शव देने से इंकार कर दिया।
सूचना पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख और स्थानीय पंचायत सदस्य जसविंदर सिंह बिट्टू भी मौके पर पहुंचे। करीब दो हजार ग्रामीण भी एकत्र हुए। पुलिस और स्थानीय नेताओं की समझाईश के बाद, ढाई घंटे के प्रयास के बाद परिजन पंचनामे के लिए तैयार हुए। महिला का शव दोबारा अस्पताल लाया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया और एसडीएम की अनुमति के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना ने अस्पतालों की लापरवाही और मरीजों के सही समय पर इलाज न मिलने के खतरों को उजागर किया है। ग्रामीण और परिजन अब अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

