वायुसेना अधिकारी
देवप्रयाग के निकट तुणगी गांव की जियाल परिवार की तीन बेटियों ने अपने हुनर और मेहनत से नई मिसाल पेश की है। जहां बड़ी बहन प्रियांशी जियाल का चयन भारतीय वायुसेना में ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर के पद पर हुआ है, वहीं मानसी और दिव्यांशी जियाल इवेंट और वेडिंग फोटोग्राफी के क्षेत्र में पहचान बना रही हैं।
वॉयस ओवर — पहाड़ की बेटियां अब परंपरागत सोच से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। मानसी और दिव्यांशी ने लॉकडाउन के कठिन दौर में अपने सफर की शुरुआत की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने फोटोग्राफी और वेडिंग शूट को अपना पेशा चुना। आज वे विवाह और अन्य आयोजनों में प्रोफेशनल शूट कर लोगों की खास यादों को कैमरे में संजो रही हैं।
दोनों बहनों का कहना है कि वे अपने काम को सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि कला की अभिव्यक्ति मानती हैं। उनका मानना है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी काम छोटा नहीं होता। उन्होंने अपने हुनर से यह साबित कर दिया कि बेटियां हर क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं।
जियाल परिवार के लिए यह वर्ष विशेष खुशी लेकर आया है। बड़ी बहन प्रियांशी जियाल का चयन वायुसेना में ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर के रूप में होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी इस उपलब्धि ने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

पिता नेत्र सिंह जियाल ने कहा कि बेटियों की सफलता उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। तीनों बहनों की उपलब्धियों ने समाज को यह संदेश दिया है कि पहाड़ की बेटियां अवसर मिलने पर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
देवप्रयाग की इन बेटियों की कहानी संघर्ष, आत्मविश्वास और सफलता की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है।
