देहरादून। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब पांच महीने से बंद पड़ी देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इस बहाली से न केवल यात्रियों का लंबा इंतजार खत्म होगा, बल्कि पहाड़ की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती मिलेगी।
सड़क मार्ग से देहरादून या दिल्ली तक का सफर लंबा और मौसम पर निर्भर रहता है। बरसात और सर्दियों में पहाड़ी सड़कों पर यात्रा जोखिम भरी हो जाती है। ऐसे में हवाई सेवा स्थानीय लोगों, व्यापारियों, अधिकारियों और पर्यटकों के लिए तेज और सुरक्षित विकल्प साबित होती है।
इस बार सेवा में बड़ा बदलाव भी देखने को मिलेगा। पहले यह उड़ान निजी कंपनी फ्लाई बिग संचालित करती थी, लेकिन अब उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (यूकाडा) के अनुसार इस रूट पर अलायंस एयर का 48 सीटर विमान उड़ान भरेगा। बड़े विमान के संचालन से अधिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी और सेवा के ज्यादा स्थिर रहने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत यह उड़ान सिर्फ देहरादून और पिथौरागढ़ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दिल्ली से भी जुड़ी होगी। यानी फ्लाइट दिल्ली–देहरादून–पिथौरागढ़ रूट पर संचालित होगी। इससे पिथौरागढ़ सीधे राष्ट्रीय राजधानी से हवाई संपर्क में आ जाएगा, जो सामाजिक, आर्थिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सीमावर्ती जिला होने के कारण पिथौरागढ़ का रणनीतिक महत्व भी काफी है। नेपाल और चीन सीमा के निकट होने से बेहतर कनेक्टिविटी प्रशासन और सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी मानी जाती है। आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों को भी इससे गति मिलेगी।
पर्यटन क्षेत्र को भी इस फैसले से नई उम्मीद मिली है। हिमालयी वादियों, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध पिथौरागढ़ में बेहतर हवाई सुविधा से पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इसका सीधा लाभ होटल, टैक्सी, गाइड और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों को मिलेगा।

यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि नई सेवा के लिए सभी आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं। हाई पावर कमेटी से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद है कि इसी महीने उड़ान शुरू हो जाएगी। पिछली बार तकनीकी कारणों से नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस रूट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया था। इस बार तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सेवा निरंतर जारी रह सके।
