देहरादून। एक जनवरी 2027 से प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुंभ को लेकर उत्तराखंड सरकार और पुलिस महकमा तैयारियों में जुट गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई दौर की बैठकों में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे चुके हैं। हालांकि इस बार आयोजन सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 2027 में विभिन्न राज्यों में चुनाव होने के चलते बाहरी राज्यों से अतिरिक्त पुलिस बल मिलने की संभावना कम है।
अर्धकुंभ के दौरान शाही स्नान की तिथियों पर भारी भीड़ उमड़ती है। खासकर अप्रैल में होने वाले शाही स्नान में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और घाटों पर सुरक्षा को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है।
पुलिस के अनुसार हरिद्वार, रुड़की से देवप्रयाग तक व्यापक निगरानी के लिए सीसीटीवी और एनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। जल पुलिस और एसडीआरएफ की तैनाती के लिए प्रारूप तैयार किया गया है और मार्च से विशेष प्रशिक्षण शुरू होगा।

आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि बाहरी राज्यों से फोर्स मिलने में कठिनाई हो सकती है, इसलिए केंद्रीय बल की मांग की गई है। उत्तराखंड पुलिस को विशेष प्रशिक्षण देकर सुरक्षित और व्यवस्थित कुंभ आयोजन का लक्ष्य रखा गया है।
