देहरादून: जिला प्रशासन ने जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) का वेतन रोक दिया। कार्रवाई के बाद लंबित पड़े मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
मामला विकासखंड डोईवाला के ग्राम इठारना में 1 दिसंबर 2025 को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर से जुड़ा है। शिविर में ग्राम पंचायत गौहरी माफी निवासी प्रदीप सिंह ने अपने पिता स्वर्गीय भगत सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न होने की शिकायत की थी। वहीं बलबीर सिंह रावत ने अपनी माता स्वर्गीय जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न होने की समस्या रखी थी।
उपजिलाधिकारी ऋषिकेश ने 18 दिसंबर 2025 को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद 29 दिसंबर 2025 को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), डोईवाला को तीन दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश जारी हुए। बावजूद इसके पंचायत स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत दोबारा जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आने पर उन्होंने सख्त कदम उठाते हुए प्रकरण के निस्तारण तक डीपीआरओ देहरादून के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। वेतन रोके जाने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने 8 फरवरी 2026 को दोनों मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए।

प्रकरण के निस्तारण के बाद अब डीपीआरओ के वेतन पर लगी रोक हटाने की प्रक्रिया उच्च स्तर पर भेजी गई है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
