देहरादून : वार्ड-99 नकरौंदा/बालावाला क्षेत्र में सनातन हिन्दू समाज की ओर से संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सर्व हिन्दू समाज के सहयोग से सम्पन्न हुआ, जिसमें विभिन्न समुदायों और वर्गों की सहभागिता देखने को मिली।
सम्मेलन के मुख्य मंच पर सिख, गोरखा, पाल समुदाय तथा अनुसूचित वर्ग से प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। महिला प्रतिनिधित्व भी प्रमुख रूप से शामिल रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ धर्म ध्वजारोहण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
आयोजन में संत राम विशालदास महाराज एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत राम स्तुति पर कथक नृत्य नाटिका, महिषासुर मर्दिनी का नाट्य रूपांतरण तथा महाभारत कथा पर आधारित प्रस्तुति दी गई। कलाकारों ने भारतीय संस्कृति की विरासत को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया और धर्म व परंपरा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
समरसता और सामाजिक एकजुटता पर जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ना और समरसता की भावना को प्रबल करना बताया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े नाई, बढ़ई, लोहार, मोची और अन्य कारीगरों को “सनातन वीर” के रूप में सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने रखे विचार
संत राम विशालदास महाराज ने सामाजिक विषयों पर चिंता व्यक्त करते हुए सांस्कृतिक जागरूकता और परिवारिक मूल्यों को मजबूत करने की बात कही।
प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने अपने संबोधन में संघ की स्थापना के उद्देश्य और सामाजिक संगठन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी विचार रखे।
आयोजन में रहे ये प्रमुख लोग
कार्यक्रम के संयोजक अजयपाल सिंह रावत रहे। इस अवसर पर राहुल पंवार, अशोक राज पंवार, राहुल कुमार (पार्षद), सुरेश जुयाल, अशोक पाल, पंकज पाल, प्रीतम पाल, बिजेंद्र रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्थानीय परिवारों की उपस्थिति रही और पूरा आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बना रहा।
