मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल पहले उन्होंने राज्य को नई दिशा देने और विकास की गति तेज करने का संकल्प लिया था, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस दौरान 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए और स्टार्टअप की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
महिलाओं के सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2.65 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं रिवर्स पलायन में भी 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में उत्तराखंड ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में राज्य को पहला स्थान मिला है, जबकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्टार्टअप रैंकिंग में भी राज्य को प्रमुख स्थान प्राप्त हुआ है।
देहरादून के विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शहर को आधुनिक बनाने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब योजनाओं का काम समय पर पूरा किया जा रहा है।
युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि नकल और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर सख्त कानून लागू किया गया है, जिसके बाद 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और नकल माफिया पर कार्रवाई की गई है।
सरकार की अन्य पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कर 12 हजार एकड़ से अधिक जमीन मुक्त कराई गई है। साथ ही समान नागरिक संहिता लागू करने और अन्य कानूनों के जरिए व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने रोड शो में हिस्सा लिया और विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।
